Ganesh Aarti – “Jai Ganesh Deva”
जय गणेश देवा, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश देवा…
एकदन्त दयावन्त, चार भुजाधारी।
मस्तक सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश देवा…
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डूवन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश देवा…
आनन्द आनन्द, मंगल मंगल होता।
संकट कटे, मिटे ताप, मन में सुख होता॥
जय गणेश देवा…
नन्दन गजमुख विनायक त्रिभुवननाथा।
धीरज, बुद्धि, दे ज्ञान, करो कल्याण माता॥
जय गणेश देवा…
दीनन की पीड़ा, तुम जानो प्रभु मेरे।
कृपा करो, विघ्न हटाओ, चरण रखो भजने रे॥
जय गणेश देवा…
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
Is aarti ka simple upyog kaise karein?
- Deepak jalakar shaant man se 5–10 minute aarti ka path karein.
- Shubh kaam, exams, nayi shuruaat se pehle 1–2 baar aarti karna mangal hota hai.
- Bachchon ko dheere–dheere Ganesh bhakti sikhayein – family aarti ke roop me.